"मानसिकता"
"मानसिकता"
मनुष्य होने के नाते हमारी सबकी एक अलग सोच होती है,अलग विचारधारा होती है। मगर कभी कभी हमारी सोच, हमको ही गलत साबित कर देती है। एक मानवीय स्वभाव होता है की हम किसी भी व्यक्ति से मिले बिना उसके व्यक्तित्व के बारे में पहले से ही एक सोच बना लेते है जैसे वह मतलबी होगी/होगा या वह बहुत होशियार होगी, या कभी कभी नाम सुनकर ही सोचते हैं की वो ऐसा होगा या फिर वो वैसी होगी। पर ये जरूरी नहीं की उस व्यक्ति का व्यक्तित्व वैसा ही होगा जैसा हमने सोचा था।
मेरा स्वभाव भी कुछ इस तरह का है की जब में पहली बार किसी से मिलती हूँ या किसी को देखती हूँ तो उसके बारे में एक धारणा बना लेती हूँ जो की मुझे नहीं करना चाहिए। कई बार मेरी किसी के बारे में बनायीं हुई धारणायें और सोच गलत साबित हुई हैं।
एक बार मेरी एक सहेली ने उसकी एक रिश्तेदार,जो मेरी सहेली के घर आयी थी, उससे मेरा परिचय कराया। बहुत ही खूबसूरत थी वो और पाश्चात्य पोशाक में बहुत ही स्मार्ट दिख रही थी। मैने पहली बार जब उसे देखा तो मुझे लगा बहुत ही होशियार होगी पर जब उससे बात करना शुरू किया तो वह एक इंग्लिश का एक शब्द भी ठीक से नहीं बोल पा रही थी,उसकी भाषाशैली भी बहुत अजीब थी ,उस समय मुझे मेरी ही सोच पर हंसी आयी और लगा की सिर्फ पाश्चात्य पोशाक पहनने से ही कोई मॉडर्न नहीं हो जाता।
ऐसा ही किस्सा एक बार फिर हुआ जिसने मेरी विचारधारा ही बदल कर रख दी। एक बार में मेरी सहेली के साथ एक computer centre गयी जहाँ उसको एक कोर्स की जानकारी चाहिए थी ,वहाँ मैंने एक औरत को देखा जो साड़ी पहने हुई थी और उसके सिर पर पल्लू था। माथे पर बड़ी सी बिंदी और मांग में नारंगी सिन्दूर था.मैंने फिर धारणा बना ली की ये तो अशिक्षित दिख रही है ये कैसे सिखाएगी?पर जब उन्होंने lecture लेना शुरू किया तो मुझे मेरी ही सोच पर शर्मिंदगी महसूस हुई."She was taking lecture in english",उनका सिखाने का अंदाज बहुत बेहतरीन था,बोलने में बहुत ही मिठास थी।
उस दिन से मैंने सोच लिया की किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का आँकलन उसके पहनावे को देख कर नहीं करूंगी।आजकल लोग पाश्चात्य सभ्यता के पीछे दौड़ रहें हैं,सबको मॉडर्न दिखना है,मै ऐसा नहीं कहती की ऐसा करना सही नहीं है,मै भी वेस्टर्न ड्रेसेस पहनती हूँ,
मुझे लगता है कि पहनावे से दिखावा करने की जगह हमको खुद को ऐसा बनाना चाहिए की हमारा व्यक्तित्व हर किसी पर अपनी गहरी छाप छोड़ सके। हमारे कपडे पहनने के सलीके से हम सिर्फ थोड़े समय के लिए ही किसी पर प्रभाव डाल सकते हैं,मगर अपनी मीठी भाषाशैली और अपने मधुर स्वभाव से लोगों के दिल पर सदियों तक राज कर सकते हैं।

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